लचीला ऊतक (Flexible Tissue)
Structure, Function and Types of flexible Tissue in Hindi
🔷 परिचय (Introduction):
मानव शरीर को गति, लचीलापन और संरचनात्मक सहारा देने के लिए विभिन्न ऊतक कार्य करते हैं। इनमें से लचीला ऊतक (Flexible Tissue) विशेष प्रकार का संयोजी ऊतक होता है, जो शरीर के कुछ हिस्सों को खिंचने, मुड़ने या झुकने की क्षमता देता है। यह ऊतक मुख्य रूप से इलास्टिक फाइबर से बना होता है।
📘 परिभाषा (Definition):
"लचीला ऊतक वह संयोजी ऊतक होता है जिसमें मुख्यतः इलास्टिक तंतु (Elastic Fibers) पाए जाते हैं, जो इसे अधिक लचीलापन और खिंचाव सहने की क्षमता प्रदान करते हैं।"
संरचना (Structure):
- इलास्टिक फाइबर लम्बे, पतले और लचीले तंतु जो ऊतक को फैलने और सिकुड़ने की क्षमता देते हैं।
- कोशिकाएं (Fibroblasts) ये फाइबर का निर्माण करती हैं।
- ग्राउंड सब्सटेंस जेली(Jelly) जैसी चिपचिपी सामग्री जो कोशिकाओं और फाइबर को जोड़ती है।
- कोलेजन फाइबर (कुछ मात्रा में) मजबूती प्रदान करते हैं, लेकिन इलास्टिक फाइबर की तुलना में कम मात्रा में होते हैं।
कार्य (Functions):
1. अंगों को खिंचने और मुड़ने की क्षमता देना।
2. रक्त वाहिकाओं को दबाव के अनुसार फैलने और संकुचित होने देना।
3. त्वचा, फेफड़ों और गले में लचीलापन बनाए रखना।
4. कंठ, श्वासनली और धमनियों को संरचनात्मक समर्थन देना।
प्रकार (Types of Flexible Tissue):
1. इलास्टिक संयोजी ऊतक (Elastic Connective Tissue):
- इसमें इलास्टिन तंतु प्रमुख रूप से उपस्थित होते हैं।
- यह ऊतक कंठनली, ब्रोंकाई, धमनियों (Arteries) की दीवारों में पाया जाता है।
- कार्य: अंगों को लचीलापन और लोच प्रदान करना।
2. इलास्टिक उपास्थि (Elastic Cartilage):
- इसमें इलास्टिक फाइबर के साथ-साथ उपास्थिक कोशिकाएं (Chondrocytes) होती हैं।
- यह कान की लचीली बनावट, नाक के कुछ हिस्सों तथा गले के ऊपरी हिस्से (Epiglottis) में पाया जाता है।
- कार्य: अंगों को लचीलापन देते हुए उनका आकार बनाए रखना।
उदाहरण (Examples):
लचीले अंग एवं ऊतक की भूमिका
- कान : कान को मुड़ने के बाद पुनः अपने स्थान पर आने की क्षमता देता है।
- श्वासनली : सांस लेने और छोड़ने के समय श्वास मार्ग को खुला रखता है।
- धमनियाँ : रक्तचाप के अनुसार फैलती और सिकुड़ती हैं।
- त्वचा : त्वचा को खिंचाव और लचीलापन देती है।

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